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Click to read the revised syllabus for IAS exam - https://afeias.com/upsc-syllabus/

आईएएस परीक्षा का संशोधित पाठ्यक्रम पढ़ने हेतु यहाँ क्लिक करें- https://afeias.com/upsc-syllabus/

Yes. You can, particularly if you are good at self-study. We are not against classroom coaching. There are good institutes and teachers who help aspirants save a lot of time and effort. But not all coaching institutes provide quality education, so if you wish to join one, do that after proper research. It should also be noted that with the advent of technology, guidance and study materials can be sought online. Our website (www.afeias.com) and mobile app (AFEIAS) provides free guidance and study materials to several aspirants who can’t afford classroom coaching. Book by Dr. Vijay Agrawal- ‘How to become an IAS' is a must read for all Civil Services aspirants. Also watch our video- ‘Is Coaching necessary for UPSC IAS’ to get an overall idea. Link- https://youtu.be/VqyXL3Ih1ec

उत्तर : हाँ, ज़रूर, खासकर यदि आप स्वाध्याय (सेल्फ-स्टडी) में अच्छे हों तो। क्लासरूम कोचिंग के महत्व से हमें इनकार नहीं है। कुछ ऐसे अच्छे संस्थान और शिक्षक हैं, जो अभ्यर्थियों को सही ढंग से तैयारी करने में सहायता प्रदान कर उनका बहुत सा श्रम एवं समय बर्बाद होने से बचा लेते हैं। लेकिन सभी संस्थानों व शिक्षकों के बारे में ऐसा नहीं कहा जा सकता। इसलिए यदि आप नियमित कोचिंग का विकल्प चुनते हैं, तो आपको सही संस्थान/शिक्षक के चयन में पूरी सावधानी बरतनी चाहिए। कहीं भी जॉइन करने से पहले पूरी जांच-पड़ताल ज़रूरी है।

वैसे सूचना क्रान्ति के इस दौर में तैयारी हेतु उपयुक्त मार्गदर्शन एवं पाठ्य-सामग्री ऑनलाइन भी प्राप्त की जा सकती है। अपनी वेबसाइट (www.afeias.com) तथा मोबाइल एप्प (AFEIAS) के माध्यम से हम ऐसे कई सारे अभ्यर्थियों के लिए निःशुल्क मार्गदर्शन एवं पाठ्य-सामग्री उपलब्ध करा रहे हैं, जो क्लासरूम कोचिंग की सुविधा लेने में असमर्थ हैं। सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी करने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी को डॉ। विजय अग्रवाल की लिखी पुस्तक ‘आप IAS कैसे बनेंगे’ ज़रूर पढ़नी चाहिए। इसके अलावा, आप हमारा वीडियो ‘क्या कोचिंग क्लास के बिना आईएएस की परीक्षा में सफल हुआ जा सकता है?’ देखकर इस विषय में विस्तृत मार्गदर्शन प्राप्त कर सकते हैं। link- https://youtu.be/VqyXL3Ih1ec

Prelims exam is objective in nature. There will be two papers – 200 marks each. Paper 1 is related to General Studies and Paper 2 is related to Mental Ability and Aptitude. For selection to the main exam, only marks of Paper 1 will be counted, provided the candidate has 33 percent marks in Paper 2.

उत्तर : प्रारंभिक परीक्षा वस्तुपरक (बहुविकल्पीय) प्रकार की होती है। 200-200 अंकों के दो प्रश्न-पत्र होते हैं। प्रथम प्रश्न-पत्र सामान्य अध्ययन (जनरल स्टडीज़) से जबकि दूसरा मानसिक क्षमता व कौशल से संबंधित होता है। मुख्य परीक्षा में चयन केवल प्रथम प्रश्न-पत्र के अंकों के आधार पर होता है, बशर्ते उम्मीदवार ने दूसरे प्रश्न-पत्र में न्यूनतम 33% अंक प्राप्त कर लिए हों।

The minimum cut off marks for Paper 2 is 33 percent. The Commission may fix a minimum cut-off mark for Paper 1 too.

उत्तर : दूसरे प्रश्न-पत्र के लिए तो कट-ऑफ 33% तय है ही। आवश्यकतानुसार आयोग प्रथम प्रश्न-पत्र के लिए भी न्यूनतम अर्हक अंक तय कर सकता है।

There will be negative marking for incorrect answers for all questions except some of the questions where the negative marking will be inbuilt in the form of different marks being awarded to the most appropriate and not so appropriate answer for such questions.

उत्तर : जी हाँ, गलत उत्तरों के लिए ‘ऋणात्मक अंकन’ का प्रावधान है। पर कुछ प्रश्न ऐसे भी हो सकते हैं, जिनमें ‘ऋणात्मक अंकन’ ‘असमान अंकन’ के रूप में मौजूद होगा, अर्थात कुछ प्रश्नों के लिए आपको मिलने वाले अंक इस बात पर निर्भर करेंगे कि आपका उत्तर ‘कितना’ उपयुक्त है।

The Main Examination will consist of written examination and an interview test. The written examination will consist of 9 papers of the conventional essay type. Two papers (out of 9) will be of qualifying in nature. Marks obtained for all the compulsory papers (Paper–I to Paper-VII) and Marks obtained in Interview for Personality Test will be counted for ranking. Read UPSC Civil Services Exam syllabus to know more. Link- https://afeias.com/upsc-syllabus/

उत्तर : मुख्य परीक्षा में पहले आपको लिखित परीक्षा देनी होती है, जिसके आधार पर फिर आपका साक्षात्कार हेतु चयन होता है। लिखित परीक्षा में कुल 9 प्रश्न-पत्र होते हैं, जो परंपरागत निबंधात्मक शैली के होते हैं। इन 9 में से 2 प्रश्न-पत्र अर्हक़ (क्वालीफाइंग) प्रकार के होते हैं। बाकी के 7 अनिवार्य प्रश्न-पत्रों एवं व्यक्तित्व परीक्षण हेतु साक्षात्कार में प्राप्त अंकों के कुल योग को आपका वरीयता-क्रम तय करने हेतु आधार बनाया जाता है। इस विषय में अधिक जानकारी के लिए यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा का पाठ्यक्रम पढ़ें। link- https://afeias.com/upsc-syllabus/

UPSC has given a list of around 50 optional subjects to choose from. Watch our video- https://youtu.be/XqselRsxqnY

उत्तर : यूपीएससी ने तकरीबन 50 वैकल्पिक विषयों की सूची दी हुई है। इस सन्दर्भ में हमारा यह वीडियो देखेँ- https://youtu.be/XqselRsxqnY

Most of the questions in the general studies paper in Prelims and Mains are related to Humanities background. But it is neither necessary nor advisable to take Humanities as your graduation stream just to clear UPSC exam. Graduation should be based on your taste – it can be humanities, science, engineering, literature or management. For graduation, select any stream you like to study for 3-4 years. You are free to choose any optional subject for UPSC Mains and it may not be the one you studied for graduation.

उत्तर : प्रारंभिक एवं मुख्य परीक्षा के सामान्य अध्ययन के प्रश्न-पत्रों में पूछे जाने वाले अधिकांश प्रश्न मानविकी पृष्ठभूमि (Humanities) से जुड़े होते हैं। लेकिन केवल इसी आधार पर आप स्नातक के लिए मानविकी विषय चुन लें, इसकी सलाह हम आपको नहीं देंगे। स्नातक के लिए विषय या शाखा का चुनाव आपको विशुद्ध रूप से अपनी रूचि के आधार पर करना चाहिए, फिर चाहे वो मानविकी हो, विज्ञान हो, इंजीनियरिंग हो, साहित्य हो, या मैनेजमेंट हो। आपको वह विषय चुनना चाहिए, जिसे आप 3-4 साल तक पूरी दिलचस्पी से पढ़ सकें। यूपीएससी की मुख्य परीक्षा में ऐसा कोई बंधन नहीं है कि वैकल्पिक विषय के रूप में स्नातक के विषयों को ही चुनना पड़े। आप कोई भी विषय चुन सकते हैं।

Answer- No. But the handwriting should be readable to the examiner

उत्तर : नहीं। लेकिन आपका हस्तलेख परीक्षक के लिए आसानी से पढ़ने योग्य अवश्य होना चाहिए।

The interview will carry 275 marks (with no minimum qualifying marks).

उत्तर : साक्षात्कार 275 अंकों का होता है, लेकिन इसमें न्यूनतम अर्हक अंकों जैसा कोई प्रावधान नहीं है।

The interview will carry 275 marks (with no minimum qualifying marks).

Candidate securing more marks in the Compulsory Papers and the Personality Test put together is to be ranked higher. If the marks of both candidates are still same, then the candidate getting more marks in the compulsory papers is to be ranked higher.

उत्तर : ऐसी स्थिति में दोनों उम्मीदवारों के अनिवार्य विषयों के अंक तथा व्यक्तित्व परीक्षण के अंकों को जोड़कर तुलना की जाएगी। जिस भी उम्मीदवार का जोड़ अधिक होगा उसे ऊपर की वरीयता दी जाएगी। अगर फिर भी दोनों का जोड़ बराबर आया तो जिस उम्मीदवार के अंक अनिवार्य विषयों में अधिक होंगे उसे बेहतर स्थान मिल जायेगा।

Not for UPSC Civil Services Preliminary Exam. But candidates will be allowed the use of Scientific (Non-Programmable type) Calculators at the conventional (Essay) type examination of UPSC, ie Mains Exam. Programmable type calculators will however not be allowed and the use of such calculators shall tantamount to resorting to unfair means by the candidates. Loaning or interchanging of calculators in the Examination Hall is not permitted. It is also important to note that candidates are not permitted to use calculators for answering objective type papers (Test Booklets). They should not, therefore, bring the same inside the Examination Hall.

उत्तर : प्रारंभिक परीक्षा में नहीं है। पर पारंपरिक (निबंधात्मक/विवरणात्मक) पर्चों में (अर्थात मुख्य परीक्षा में) आप साइंटिफिक कैलकुलेटर्स (नॉन-प्रोग्रामेबिल) का उपयोग कर सकते हैं। प्रोग्रामेबिल कैलकुलेटर्स का उपयोग किसी भी सूरत में नहीं किया जाना चाहिए, क्योंकि ऐसा करना अवांछनीय तरीकों के इस्तेमाल की श्रेणी में आता है। परीक्षा-कक्ष में कैलकुलेटर्स की अदला-बदली या किसी से उधार लेना भी मना है। यह भी ध्यान रखें कि वस्तुनिष्ठ प्रकार के प्रश्न-पत्रों (टेस्ट बुकलेट्स) में कैलकुलेटर्स के उपयोग की अनुमति नहीं है। इसलिए इन पर्चों के दौरान कैलकुलेटर्स परीक्षा-कक्ष में न ले जाएँ।

It is a three stage exam, with only successful candidates eligible to apply in subsequent stages. The first stage is the Preliminary Exam, open for all applicants. Upon clearing this the successful candidate has to apply again to sit for the Main Exam. Successful candidates at this stage are called for the Personality Test or Interview. Those passing the Personality Test are the ultimate successful candidates.

उत्तर : यह परीक्षा तीन चरणों में संपन्न होती है। एक चरण में सफल होने वाले उम्मीदवार को ही अगले चरण की परीक्षा देने का मौका मिलता है। पहला चरण प्रारंभिक परीक्षा का होता है, जो सभी उम्मीदवारों के लिए खुला होता है। इस चरण में सफल होने वाले उम्मीदवारों को दूसरे चरण (अर्थात मुख्य परीक्षा) के लिए पुनः आवेदन करना होता है। मुख्य परीक्षा में सफल रहने वाले उम्मीदवारों को फिर तीसरे चरण, अर्थात व्यक्तित्व परीक्षण/साक्षात्कार हेतु बुलाया जाता है। इस व्यक्तित्व परीक्षण में सफल रहने वाले उम्मीदवार ही अंततः सिविल सेवा परीक्षा में सफल घोषित किए जाते हैं।

There is an increasing trend that engineering graduates are shifting towards humanities. They preferably take one of the optionals as the science and the other from humanities. As far as popular trend is concerned large number of engineering students find it comfortable to opt either geography or public administration. Both these optionals are having small seep in time and can be comfortably picked up in a short span of time.

 

उत्तर : इसमें कोई शक नहीं कि इंजीनियरिंग स्नातकों का मानविकी विषयों की ओर रुझान बढ़ रहा है। इनमें सर्वाधिक उम्मीदवार मानविकी विषयों के रूप में भूगोल अथवा लोक-प्रशासन चुनना पसंद कर रहे हैं। असल में ये दोनों विषय ऐसे हैं, जिनमें समय के साथ बहुत अधिक या बहुत तेज़ी से बदलाव नहीं होते। इसलिए थोड़े से समय में ही इन पर अच्छी पकड़ बनायी जा सकती है।

उत्तर : सामान्य वर्ग - 6, अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) - 9, अनु।जा।/अनु।जजा। (एससी/एसटी) - कोई बंधन नहीं।

Yes, physically handicapped candidates belonging to the general category shall be eligible for 7 attempts

उत्तर : हाँ, सामान्य वर्ग के शारीरिक रूप से विकलांग लोगों को 7 मौके मिलते हैं।

 

Yes, provided it is a recognized University and he possess the educational qualifications prescribed for the exam and is otherwise eligible.

उत्तर : बेशक, बशर्ते वह एक मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय हो और उम्मीदवार परीक्षा हेतु यूपीएससी द्वारा निर्धारित न्यूनतम शैक्षणिक योग्यताएँ एवं अन्य सभी अर्हताएँ भी पूरी करता हो।

No, there the degree must be approved with the UGC or the any other govt. organization that is mentioned in the notification.

उत्तर : नहीं। उम्मीदवार की उपाधि (डिग्री) का यूजीसी या अधिसूचना में उल्लिखित किसी अन्य सरकारी संस्था से मान्यता प्राप्त होना अनिवार्य है।

No. An attempt is counted only if a candidate has appeared in at least one paper in CS (P) Examination.

No, Candidates have the option to write their answers either in English or in any one of the Eighth schedule languages.

उत्तर : नहीं। परीक्षार्थियों के पास विकल्प होता है कि वे अंग्रेजी या संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल भाषाओं में से किसी एक भारतीय भाषा का चयन करें और उसी में सारे पर्चे लिखें।

If a candidate opts an Eighth schedule language for the CS (Main) Examination he will have the option to take the interview in same language or in English.

उत्तर : यदि कोई परीक्षार्थी सिविल सेवा परीक्षा (मुख्य) के लिए संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल कोई भारतीय भाषा चुनता है, तो उसके पास यह विकल्प होता है कि साक्षात्कार वह उसी भाषा में अथवा अंग्रेजी में दे।

The best way to start for this examination is by knowing the nature of examination. After having decided for the optional one should develop a keen interest in looking at the past years questions to get an idea as to what one should be preparing for. One should also get a proper guidance for the channelization of its time, energy and resources. Planning is very crucial. One must plan and work the plan in a disciplined manner. There should be time frame and small targets fixed to work in this direction. For details you can watch our videohttps://youtu.be/jS4WkcxrUMM

उत्तर : सबसे पहले तो आपको इस परीक्षा की प्रकृति जान लेनी चाहिए। एक बार जब आप यह तय करने में सफल हो जाएँ कि वैकल्पिक विषय के रूप में क्या चुनना है, तो फिर आपको पिछले कुछ सालों की परीक्षाओं के प्रश्न-पत्रों का अच्छे से अध्ययन करना चाहिए, ताकि यह पता चल सके कि आपको पढ़ना क्या है और तैयारी किस तरह से करनी है। इसके अलावा, आपको सदैव अपने समय, ऊर्जा एवं संसाधनों का पूर्ण सदुपयोग सुनिश्चित करने हेतु सही मार्गदर्शन प्राप्त करने के लिए प्रयत्नशील रहना चाहिए। इस परीक्षा की तैयारी में योजनाबद्ध कार्य का विशेष महत्व है। अतः आपको तैयारी की एक निश्चित एवं व्यावहारिक योजना बनाकर पूरे अनुशासन के साथ उसपर कायम रहना होगा। आपकी योजना में हर चीज़ के लिए निश्चित समय-सीमा होनी चाहिए और आपको छोटे-छोटे लक्ष्य बनाकर आगे बढ़ना चाहिए। हमारा यह वीडियो अवष्य देखें- https://youtu.be/jS4WkcxrUMM

The preparation for IAS exam should ideally start during the graduation at 18 – 21 years of age. But still it is not too late to start preparing at the age of 21-23. This is the time student is able to focus on the goal properly.

उत्तर : आदर्श रूप में इस परीक्षा की तैयारी स्नातक के दौरान (18 से 21 साल की उम्र में) शुरू कर दी जानी चाहिए। लेकिन यदि आप 21 से 23 के बीच भी शुरू करते हैं, तो उसे बहुत देर नहीं कहा जाएगा। यह वह समय होता है, जब विद्यार्थी भली-भांति अपने लक्ष्यों पर ध्यान केन्द्रित करने में सक्षम होते हैं।

Ans: The Civil Services Examination (CSE) is conducted every year by the Union Public Service Commission (UPSC) as a common entrance examination for recruitment to various services like the Indian Administrative Service (IAS), Indian Foreign Service (IFS), Indian Police Service (IPS), Group 'A' and Group 'B' - Central Services.

Ans: I. Academic Eligibility

The candidate must possess a degree from an Indian University or an educational institution deemed as a University or possess an equivalent qualification. Those in the final year of a degree course can also appear in the Preliminary Examination.

  1. Other Eligibility Conditions
  1. For the IAS and the IPS, the candidate must be a citizen of India.

For the other services, a candidate must be either:

a citizen of India, or

a subject of Nepal, or

a subject of Bhutan, or

a Tibetan refugee who came over to India before January 1, 1962, with the intention of permanently settling in India, or

a person of Indian origin who has migrated from Pakistan, Burma, Sri Lanka, East African countries of Kenya, Uganda, the United Republic of Tanzania, Zambia, Malawi, Zaire, Ethiopia and Vietnam with the intention of permanently settling in India.

The candidate must have attained 21 years of age on August 1st of the year of examination and must not have attained 32 years of age on that date. The upper age limit will be relaxed by 3 years for OBC candidates and 5 years for SC/ST candidates. The upper age limit is also relaxed in favour of certain categories of civil servants working under the Government of India and Defence Services Personnel.

उत्तर : सिविल सेवा परीक्षा संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) द्वारा हर साल ‘समान प्रवेश-परीक्षा’ (कॉमन एंट्रेंस टेस्ट) के रूप में आयोजित की जाती है और इसके माध्यम से विभिन्न सेवाओं, मसलन भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस), भारतीय विदेश सेवा (आईएफएस), भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस), तथा केंद्र सरकार की ग्रुप ‘ए’ व ग्रुप ‘बी’ सेवाओं के लिए उपयुक्त उम्मीदवारों का चयन किया जाता है।

परीक्षा में सम्मिलित होने हेतु आवश्यक शैक्षणिक योग्यता :

उम्मीदवार का किसी मान्यता प्राप्त भारतीय विश्वविद्यालय या विश्वविद्यालय के समतुल्य माने जाने वाले शैक्षणिक संस्थान का उपाधिधारक होना अथवा इसके समतुल्य कोई अन्य योग्यता रखना अनिवार्य है। किसी डिग्री कोर्स के अंतिम वर्ष के विद्यार्थी भी इस परीक्षा में सम्मिलित होने की योग्यता रखते हैं।

अन्य योग्यताएँ/अर्हताएँ :

क। आईएएस एवं आईपीएस सेवाओं के लिए उम्मीदवार का भारतीय नागरिक होना अनिवार्य है।

ख। अन्य सेवाओं के लिए उम्मीदवार को या तो

भारत का नागरिक होना चाहिए, या

नेपाल की प्रजा हो, या

भूटान की प्रजा हो, या

तिब्बती शरणार्थी हो, जो हमेशा के लिए भारत में बसने का इरादा लेकर 1 जनवरी, 1960 से पहले भारत आ गया हो, या

हमेशा के लिए भारत में बसने का इरादा लेकर पाकिस्तान, बर्मा, श्रीलंका तथा पूर्वी अफ्रीका के देशों (केन्या, यूगांडा, यूनाइटेड रिपब्लिक ऑफ़ तंज़ानिया, ज़ाम्बिया, मलावी, ज़ेरे, इथिओपिया एवं वियतनाम) से प्रवजन करके आया भारतीय मूल का कोई व्यक्ति हो।

ग। परीक्षा वाले वर्ष 1 अगस्त को उम्मीदवार की आयु कम से कम 21 वर्ष अवश्य होनी चाहिए। किन्तु उसने 32 वर्ष पूरे न किए हों। परीक्षा के लिए अधिकतम आयु सीमा में ओबीसी को 3 साल, एवं एससी/एसटी को 5 साल तक की छूट दी जाती है। अधिकतम आयु सीमा में यह छूट भारत सरकार के अधीन काम करने वाले लोक सेवकों की कुछ विशिष्ट श्रेणियों तथा रक्षा सेवाओं के लोगों के मामले में भी लागू होती है।

Ans: Optional subjects: Agriculture, Animal Husbandry and Veterinary Science, Botany, Chemistry, Civil Engineering, Commerce and Accountancy, Economics, Electrical Engineering, Geography, Geology, History, Law, Management, Mathematics, Mechanical Engineering, Medical Science, Philosophy, Physics, Political Science and International Relations, Psychology, Public Administration, Sociology, Statistics, Zoology. Each paper is of 3 hours duration

उत्तर : कृषि, पशुपालन एवं पशु चिकित्सा, पादप विज्ञान, रसायनशास्त्र, सिविल इंजीनियरिंग, वाणिज्य एवं लेखाकर्म (कॉमर्स एंड एकाउंटेंसी), अर्थशास्त्र, इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग, भूगोल, भूगर्भशास्त्र, इतिहास, विधि, प्रबंधन, गणित, मैकेनिकल इंजीनियरिंग, चिकित्सा विज्ञान, दर्शनशास्त्र, भौतिक विज्ञान, राजनीति विज्ञान एवं अंतरराष्ट्रीय संबंध, मनोविज्ञान, लोक-प्रशासन, समाजशास्त्र, सांख्यिकी, प्राणी विज्ञान (जूलॉजी)।

प्रत्येक प्रश्न-पत्र 3 घंटे का होता है।

Ans: (i) Nationality:

(1) For the Indian Administrative Service and the Indian Police Service, a candidate must be a citizen of India.
(2) For other services, a candidate must be either:
(a) A citizen of India, or
(b) a subject of Nepal, or
(c) a subject of Bhutan, or
(d) a Tibetan refugee who came over to India before 1st January, 1962 with the intention of permanently settling in India. or
(e) a person of Indian origin who has migrated from Pakistan, Burma, Srilanka, East African countries of Kenya, Uganda, the United Republic of Tanzania, Zambia, Malawi, Zaire, Ethiopia and Vietnam with the intention of permanently settling in India.
Provided that a candidate belonging to categories (b), (c), (d) and (e) shall be a person in whose favour a certificate of eligibility has been issued by the Government of India.
Provided further that candidates belonging to categories (b), (c) and (d) above will not be eligible for appointment to the Indian Foreign Service.
A candidate, in whose case a certificate of eligibility is necessary, may be admitted to the examination but the offer of appointment may be given only after the necessary eligibility certificate has been issued to him by the Government of India.

(ii) Minimum Educational Qualifications:
The candidate must hold a degree of any of Universities incorporated by an Act of the Central or State Legislature in India or other educational institutions established by an Act of Parliament or declared to be deemed as a University Under Section 3 of the University Grants Commission Act, 1956, or possess an equivalent qualification.

Note I: Candidates who have appeared at an examination the passing of which would render them educationally qualified for the Commission's examination but have not been informed of the results as also the candidates who intend to appear at such a qualifying examination will also be eligible for admission to the Preliminary Examination. All candidates who are declared qualified by the Commission for taking the Civil Services (Main) Examination will be required to produce proof of passing the requisite examination with their application for the Main Examination failing which such candidates will not be admitted to the Main Examination.

Note II: In exceptional cases the Union Public Service Commission may treat a candidate who has not any of the foregoing qualifications as a qualified candidate provided that he has passed examination conducted by the other Institutions, the standard of which in the opinion of the Commission justifies his admission to the examination.

Note III: Candidates possessing professional and technical qualifications, which are recognised by Government, as equivalent to professional and technical degree would also be eligible for admission to the examination.

Note IV: Candidates who have passed the final professional M.B.B.S. or any other Medical Examination but have not completed their internship by the time of submission of their applications for the Civil Services (Main) Examination, will be provisionally admitted to the Examination provided they submit along with their application a copy of certificate from the concerned authority of the University/Institution that they had passed the requisite final professional medical examination. In such cases, the candidates will be required to produce at the time of their interview original Degree or a certificate from the concerned competent authority of the University/Institution that they had completed all requirements (including completion of internship) for the award of the Degree.

(iii) Age limit: 21 years must be completed on 1st August of the year, which a candidate is appearing. Maximum 32 for general category, 35 for OBCs and 37 for SCs/STs. Ex-servicemen will get 5 more years exemption from the prescribed age limit.

(The date of birth accepted by the Commission is that entered in the Matriculation or Secondary School Leaving Certificate or in a certificate recognized by an Indian University as equivalent to Matriculation or in an extract from a Register of Matriculates maintained by a University, which extract must be certified by the proper authority of the University or in the Higher Secondary or an equivalent examination certificate).

(iv) Number of Attempts: Six attempts for general, nine for OBCs and no limit for SCs/STs. If a person appears in the Preliminary Examination or even one paper is counted as an attempt.

(v) Restrictions on applying for the examination:
A candidate who is appointed to the Indian Administrative Service or the Indian Foreign Service on the results of an earlier examination and continues to be a member of that service will not be eligible to compete at this examination.

 

उत्तर : राष्ट्रीयता :

क। भारतीय प्रशासनिक सेवा एवं भारतीय पुलिस सेवा के लिए उम्मीदवार का भारतीय नागरिक होना अनिवार्य है।

ख। अन्य सेवाओं के लिए उम्मीदवार को या तो

1। भारत का नागरिक होना चाहिए, या

2। नेपाल की प्रजा हो, या

3। भूटान की प्रजा हो, या

4। तिब्बती शरणार्थी हो, जो हमेशा के लिए भारत में बसने का इरादा लेकर 1 जनवरी, 1960 से पहले भारत आ गया हो, या

5। हमेशा के लिए भारत में बसने का इरादा लेकर पाकिस्तान, बर्मा, श्रीलंका तथा पूर्वी अफ्रीका के देशों (केन्या, यूगांडा, यूनाइटेड रिपब्लिक ऑफ़ तंज़ानिया, ज़ाम्बिया, मलावी, ज़ेरे, इथिओपिया एवं वियतनाम) से प्रवजन करके आया भारतीय मूल का कोई व्यक्ति हो।

पर उपरोक्त (2), (3), (4) एवं (5) श्रेणियों में आने वाले उम्मीदवारों के पास भारत सरकार द्वारा जारी किया गया ‘पात्रता प्रमाण-पत्र’ (सर्टिफिकेट ऑफ़ एलिजिबिलिटी) होना चाहिए।

साथ ही यह भी कि (2), (3) एवं (4) श्रेणियों वाले उम्मीदवार भारतीय विदेश सेवा में नियुक्ति के पात्र नहीं होंगे।

जिन उम्मीदवारों के लिए उपरोक्तानुसार ‘पात्रता प्रमाण-पत्र’ प्रस्तुत करना अनिवार्य है, वे बिना ऐसा किए परीक्षा में शामिल तो हो सकते हैं, किन्तु सफल होने पर उन्हें नियुक्ति-पत्र तब तक प्राप्त नहीं होगा, जब तक कि भारत सरकार उनके पक्ष में ‘योग्यता प्रमाण-पत्र’ जारी नहीं कर देती।

न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता :

उम्मीदवार के पास भारत के केंद्र या राज्य विधानमंडल द्वारा निगमित किसी विश्वविद्यालय की अथवा संसदीय अधिनियम द्वारा या विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) अधिनियम, 1956 के अनुभाग 3 के तहत विश्वविद्यालय का दर्जा दिए गए किसी अन्य शैक्षणिक संस्थान की डिग्री अथवा समकक्ष योग्यता होनी चाहिए।

टिप्पणी 1 : वे उम्मीदवार, जिन्होंने ऐसी कोई परीक्षा दे दी है, जिसे पास करने के बाद वे सिविल सेवा परीक्षा में भाग लेने के लिए आवश्यक न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता पा जाएँगे, लेकिन अभी तक उस परीक्षा का परिणाम घोषित नहीं हुआ है, या वे उम्मीदवार, जो ऐसी कोई अर्हक परीक्षा देने का इरादा रखते हैं, वे भी सिविल सेवा परीक्षा (प्रारंभिक) में भाग लेने के योग्य माने जाएँगे। लेकिन यदि वे प्रारंभिक परीक्षा के परिणाम के आधार पर यूपीएससी द्वारा मुख्य परीक्षा में बैठने के लिए चयनित हो जाते हैं, तो उन्हें मुख्य परीक्षा हेतु आवेदन करते समय उस अर्हक परीक्षा में उत्तीर्ण होने का प्रमाण प्रस्तुत करना होगा, अन्यथा उन्हें मुख्य परीक्षा में नहीं बैठने दिया जाएगा।

टिप्पणी 2 : विशेष परिस्थितियों में संघ लोक सेवा आयोग किसी ऐसे उम्मीदवार को भी सिविल सेवा परीक्षा में बैठने हेतु पात्र घोषित कर सकता है, जिसके पास उपर्युक्त अर्हताओं में से कोई भी न हो, बशर्ते उसने किसी संस्थान द्वारा ली गयी कोई ऐसी परीक्षा उत्तीर्ण की हो, जिसका स्तर आयोग के मतानुसार ऐसा हो कि उसके आधार पर उम्मीदवार को सिविल सेवा परीक्षा में बैठने दिया जा सकता है।

टिप्पणी 3 : जिन उम्मीदवारों के पास ऐसी व्यावसायिक (प्रोफेशनल) एवं तकनीकी योग्यताएँ हैं, जिन्हें सरकार व्यावसायिक (प्रोफेशनल) एवं तकनीकी उपाधियों के समकक्ष मानती है, वे भी सिविल सेवा परीक्षा में बैठने के पात्र हैं।

टिप्पणी 4 : वे उम्मीदवार, जिन्होंने व्यावसायिक एमबीबीएस (या इसके समकक्ष कोई मेडिकल कोर्स) की अंतिम परीक्षा उत्तीर्ण कर ली है, किन्तु सिविल सेवा परीक्षा (मुख्य) के लिए आवेदन करने के समय तक जिनकी इंटर्नशिप पूरी नहीं हुई है, उन्हें प्रावधिक (अनंतिम) रूप से परीक्षा में सम्मिलित होने की अनुमति होगी, बशर्ते वे अपने आवेदन के साथ अपने विश्वविद्यालय/संस्थान के किसी सक्षम प्राधिकारी से इस आशय का प्रमाण-पत्र प्रस्तुत करें कि उन्होंने अपेक्षित व्यावसायिक मेडिकल कोर्स की अंतिम परीक्षा उत्तीर्ण कर ली है। ऐसी स्थिति में उम्मीदवार को साक्षात्कार के समय ओरिजिनल डिग्री या विश्वविद्यालय/संस्थान के सक्षम प्राधिकारी से इस आशय का प्रमाण-पत्र प्रस्तुत करना होगा कि उसने डिग्री प्राप्त करने की सभी अर्हताएँ (जिसमें इंटर्नशिप पूरी करना भी शामिल है) पूरी कर ली है।

आयु सीमा :

जिस वर्ष की परीक्षा में उम्मीदवार शामिल होना चाहता है, उस वर्ष 1 अगस्त को उसकी आयु 21 वर्ष से कम नहीं होनी चाहिए। अधिकतम आयु सामान्य वर्ग वालों के लिए 32, ओबीसी के लिए 35 तथा एससी/एसटी के लिए 37 है। भूतपूर्व सैनिकों को भी आयु सीमा में 5 साल की छूट मिलती है।

{आयु के प्रमाण के रूप में आयोग मैट्रिकुलेशन या माध्यमिक शाला छोड़ने के प्रमाण-पत्र में दर्ज जन्म-तिथि को या किसी ऐसे प्रमाण-पत्र में दर्ज तिथि को स्वीकार करता है, जिसे किसी भारतीय विश्वविद्यालय द्वारा मैट्रिकुलेशन के समकक्ष माना जाता हो या जो किसी विश्वविद्यालय द्वारा अनुरक्षित मैट्रिकुलेट रजिस्टर में दर्ज की गयी हो (और जो विश्वविद्यालय के समुचित प्राधिकारी द्वारा प्रमाणित हो) या जो उच्चतर माध्यमिक परीक्षा (या उसके समकक्ष किसी अन्य परीक्षा) के प्रमाण-पत्र में दर्ज हो।}

परीक्षा में शामिल होने के अवसरों (अटेम्प्ट) की संख्या :

सामान्य वर्ग के लिए 6 अवसर, ओबीसी के लिए 9, जबकि एससी/एसटी के लिए कोई सीमा नहीं। प्रारंभिक परीक्षा में या केवल एक पेपर में भी सम्मिलित होने को एक अवसर के तौर पर गिना जाएगा।

 

परीक्षा में सम्मिलित होने संबंधी प्रतिबन्ध :

कोई भी ऐसा उम्मीदवार, जो पिछली किसी परीक्षा में सफल होकर भारतीय प्रशासनिक सेवा या भारतीय विदेश सेवा में नियुक्ति पा चुका हो और अब भी सेवा में हो, उसे परीक्षा में भाग लेने की अनुमति नहीं होगी।

 

Ans: The UPSC have developed an application form common for all their examinations, which will be processed on computerised machines. This application form alongwith an Information Brochure containing general instructions for filling up the form, an acknowledgement card and an envelope for sending the application is obtainable from the designated Head Post Offices/Post Offices throughout the country as against cash payment of Rs. 20/- (Rupees twenty only). Form should be purchased from the designated Post Offices only and not from any other agency. This form can be used only once and for only one examination. Candidates must use the form supplied with the Information Brochure only and they should in no case use photocopy / reproduction / unauthorisedly printed copy of the Form. Since this form is electronically scannable, due care should be taken to fill up the application form, correctly. While filling up the application form, please refer to detailed instructions given in the Notice.

उत्तर : यूपीएससी ने एक आवेदन-प्रपत्र तैयार किया है, जो उसके द्वारा आयोजित की जाने वाली सभी परीक्षाओं में काम आता है और जिसे कंप्यूटर चलित मशीनों द्वारा जांचा जाता है। आप यह आवेदन-प्रपत्र, जिसके साथ में एक सूचना-विवरणिका (जिसमें इस आशय के दिशा-निर्देश होते हैं कि प्रपत्र कैसे भरा जाना है), एक एक्नोलेज्मेंट कार्ड (पावती) तथा भरा हुआ आवेदन-प्रपत्र भेजने के लिए एक लिफाफा भी होता है, देश भर के सभी निर्धारित मुख्य डाक घरों/डाक घरों से 20 रुपये का भुगतान कर प्राप्त कर सकते हैं। आवेदन-प्रपत्र निर्धारित डाक घरों के अलावा कहीं और से नहीं खरीदे जाने चाहिए। एक आवेदन-प्रपत्र केवल एक बार और केवल एक परीक्षा के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है। आपको सूचना-विवरणिका के साथ आये हुए मूल आवेदन-प्रपत्र का ही इस्तेमाल करना है, उसकी छायाप्रति/पुनरुत्पादित प्रति/गैर आधिकारिक रूप से मुद्रित प्रति स्वीकार्य नहीं होगी। चूंकि इस आवेदन-प्रपत्र की जांच मशीन द्वारा की जाती है, इसलिए इसे सावधानीपूर्वक भरें। भरते समय सूचना-विवरणिका एवं परीक्षा के विज्ञापन में दिए हुए निर्देशों का पालन करें।

Ans- Yes. But before the Civil Services (Main) Examination candidate will be required to produce proof of passing the requisite examination with their application for the Main Examination failing which such candidates will not be admitted to the Main Examination.

उत्तर : हाँ, पर सिविल सेवा परीक्षा (मुख्य) हेतु आवेदन करते समय आपको इस बात का प्रमाण देना होगा कि आपने अंतिम वर्ष की परीक्षा भी उत्तीर्ण कर ली है। ऐसा न कर पाने पर आपको परीक्षा में नहीं बैठने दिया जाएगा।

Ans-

There are 3 Phases in UPSC Civil Services Exam-

  • PRELIMINARY EXAM (MCQ Test)
  • MAINS EXAM (written Test)
  • PERSONALITY TEST (INTERVIEW)

IAS PRELIMS EXAM PATTERN, SYLLABUS & SUBJECTS

The Preliminary Examination consists of two papers of objective type (multiple-choice questions) carrying a maximum of 400 marks.
The Question Papers (Test Booklets) are set in English & Hindi

General Studies Paper – I 200 Marks
General Studies Paper – II 200 Marks

 

 UPSC Prelims Syllabus for Paper I – (200 marks)

Duration: Two hours (Counted for the merit rank in the Prelims)

  • Current events of national and international importance.
  • History of India and Indian National Movement.
  • Indian and World Geography – Physical, Social, Economic Geography of India and the World.
  • Indian Polity and Governance – Constitution, Political System, Panchayati Raj, Public Policy, Rights Issues, etc.
  • Economic and Social Development Sustainable Development, Poverty, Inclusion, Demographics, Social Sector initiatives, etc.
  • General issues on Environmental Ecology, Bio-diversity and Climate Change – that do not require subject specialization.
  • General Science.

UPSC Prelims Syllabus for Paper II- (200 marks)

Duration: Two hours (Not counted for the merit rank in Prelims but a qualifying Paper; just needs 33% marks)

  • Interpersonal skills including communication skills.
  • Logical reasoning and analytical ability.
  • Decision-making and problem-solving.
  • General mental ability.
  • Basic numeracy (numbers and their relations, orders of magnitude, etc.) (Class X level), Data interpretation (charts, graphs, tables, data sufficiency etc. – Class X level)

IAS or UPSC Civil Services New Mains Exam pattern:

The written examination consists of nine papers, two qualifying papers and seven papers counted for ranking

Paper Subject Marks
Paper A (One of the Indian languages listed below, to be selected by the candidate (from the languages listed in the Eighth Schedule to the Constitution of India) (Qualifying) 300
Paper B English (Qualifying) 300
Paper I Essay 250
Paper II General Studies I (Indian heritage and culture, history and geography of the world and society) 250
Paper III General Studies II (Governance, constitution, polity, social justice, and international relations) 250
Paper-IV General Studies III (Technology, economic development, biodiversity, environment, security and disaster management) 250
Paper V General Studies-IV(ethics, integrity, and aptitude) 250
Papers VI, VII Two papers on subjects to be selected by the candidate from the list of optional subjects below (250 marks for each paper) 500
1750

Candidates may choose any one of the optional subjects from amongst the list of subjects given below.

  • The papers on Indian Languages and English (Paper A and Paper B) will be of Matriculation or equivalent standard and will be of qualifying nature. The marks obtained in these papers will not be counted for ranking.
  • Evaluation of the papers, namely, ‘Essay’, ‘General Studies’ and Optional Subject of all the candidates would be done simultaneously along with evaluation of their qualifying papers on ‘Indian Languages’ and ‘English’ but the papers on ‘Essay’, General Studies and Optional Subject of only such candidates will be taken cognizance of who attain such minimum standard as may be fixed by Commission at their discretion for the qualifying papers on ‘Indian Language’ and ‘English’.
  • The paper A on Indian Language will not, however, be compulsory for candidates hailing from the States of Arunachal Pradesh, Manipur, Meghalaya, Mizoram, Nagaland and Sikkim.

List of optional subjects for UPSC Mains Examination

  • Agriculture
  • Animal Husbandry and Veterinary Science
  • Anthropology
  • Botany
  • Chemistry
  • Civil Engineering
  • Commerce and Accountancy
  • Economics
  • Electrical Engineering
  • Geography
  • Geology
  • Indian History
  • Law
  • Management
  • Mathematics
  • Mechanical Engineering
  • Medical Science
  • Philosophy
  • Physics
  • Political Science and International Relations
  • Psychology
  • Public Administration
  • Sociology
  • Statistics
  • Zoology

Literature of any one of the following languages: Assamese, Bengali, Bodo, Dogri, Gujarati, Hindi, Kannada, Kashmiri, Konkani, Maithili, Malayalam, Manipuri, Marathi, Nepali, Oriya, Punjabi, Sanskrit, Santali, Sindhi, Tamil, Telugu, Urdu and English.

The question papers for the examination will be of conventional (essay) type. Each paper will be of three hours duration. The question papers (other than the literature of language papers) will be set in Hindi and English only.

PERSONALITY TEST (INTERVIEW):

The Interview test will be of 275 marks.

Total – (B) Main Examination – 1750 Marks + (C) Personality Test – 275 Marks = 2025 Marks.

उत्तर : यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा के तीन चरण हैं :

प्रारंभिक परीक्षा (एमसीक्यू टेस्ट)

मुख्य परीक्षा (लिखित परीक्षा)

व्यक्तित्व परीक्षण (साक्षात्कार)

सिविल सेवा परीक्षा (प्रारंभिक) का तरीका, पाठ्यक्रम एवं विषय

सिविल सेवा परीक्षा (प्रारंभिक) में वस्तुनिष्ठ (बहुविकल्पीय) प्रकार के दो प्रश्न-पत्र होते हैं। प्रत्येक प्रश्न-पत्र 200 अंकों का होता है, अर्थात कुल 400 अंक। प्रश्न-पत्र (परीक्षा पुस्तिका) हिंदी एवं अंग्रेजी दोनों में होते हैं।

सामान्य अध्ययन प्रश्न-पत्र – 1                200 अंक

सामान्य अध्ययन प्रश्न-पत्र – 2                200 अंक

सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा के प्रश्न-पत्र – 1 का पाठ्यक्रम  (200 अंक)

समयावधि : दो घंटा

(इसमें प्राप्त अंकों का प्रारंभिक परीक्षा की वरीयता सूची तय करने में योगदान होता है।)

1। राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय महत्व की सामयिक घटनाएँ

2। भारत का इतिहास एवं भारतीय राष्ट्रीय आन्दोलन

3। भारत एवं विश्व का भूगोल - भारत एवं विश्व का भौतिक, सामाजिक एवं आर्थिक भूगोल

4। भारतीय राज्यतंत्र एवं शासन – संविधान, राजनैतिक प्रणाली, पंचायती राज, जन नीति, अधिकार संबंधी मुद्दे आदि

5। आर्थिक एवं सामाजिक विकास – सतत विकास, गरीबी, समावेशन, जनसांख्यिकी, सामाजिक क्षेत्र में की गयी पहल आदि

6। पर्यावरणीय पारिस्थितिकी, जैव-विविधता एवं जलवायु परिवर्तन संबंधी सामान्य मसले, जिनके लिए विषयगत विशेषज्ञता की आवश्यकता नहीं है।

7। सामान्य विज्ञान

सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा के प्रश्न-पत्र – 2 का पाठ्यक्रम  (200 अंक)

समयावधि : दो घंटा

(इसमें प्राप्त अंकों का प्रारंभिक परीक्षा की वरीयता सूची तय करने में योगदान नहीं होता। यह अर्हक प्रश्न-पत्र है, जिसमें न्यूनतम 33% अंक पाने की आवश्यकता होती है।)

1। बोधगम्यता

2। संचार कौशल सहित अंतर-वैयक्तिक कौशल

3। तार्किक कौशल (लॉजिकल रीजनिंग) एवं विश्लेष्णात्मक क्षमता

4। निर्णयन (डिसिजन मेकिंग) एवं समस्याओं के समाधान तलाशने की क्षमता (प्रॉब्लम सॉल्विंग)

5। सामान्य मानसिक योग्यता

6। आधारभूत संख्यनन (संख्याएँ और उनके संबंध, विस्तार-क्रम आदि) (दसवीं कक्षा का स्तर), आंकड़ों का निर्वचन (चार्ट, ग्राफ, तालिका, आंकड़ों की पर्याप्तता आदि) (दसवीं कक्षा का स्तर)।

आईएएस या सिविल सेवा परीक्षा (मुख्य) की रूपरेखा

इस लिखित परीक्षा में कुल 9 प्रश्न-पत्र होते हैं, जिनमें से दो अर्हक प्रकार के हैं शेष 7 प्रश्न-पत्रों में प्राप्त अंकों से वरीयता-क्रम का निर्धारण होता है।

प्रश्न-पत्र                  विषय

प्रश्न-पत्र – ‘क’  संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल भाषाओं में से उम्मीदवार द्वारा चुनी गयी कोई एक भारतीय भाषा। (अर्हक प्रश्न-पत्र)

प्रश्न-पत्र – ‘ख’ अंग्रेजी (अर्हक)

प्रश्न-पत्र 1। निबंध

प्रश्न-पत्र 2। सामान्य अध्ययन–1 (भारतीय विरासत और संस्कृति, विश्व का इतिहास एवं भूगोल तथा समाज)

प्रश्न-पत्र 3। सामान्य अध्ययन–2 (शासन-प्रणाली, संविधान, राज्य-व्यवस्था, सामाजिक न्याय, एवं अंतरराष्ट्रीय संबंध)

प्रश्न-पत्र 4। सामान्य अध्ययन–3 (प्रौद्योगिकी, आर्थिक विकास, जैव विविधता, पर्यावरण, सुरक्षा तथा आपदा प्रबंधन)

प्रश्न-पत्र 5। सामान्य अध्ययन–4 (नीतिशास्त्र, सत्यनिष्ठा एवं अभिरुचि)

प्रश्न-पत्र 6 व 7। ये दो प्रश्न-पत्र वैकल्पिक विषयों के होते हैं, जिसके लिए उम्मीदवारों को नीचे दी गयी सूची में से अपनी पसंद का एक विषय चुनना होता है। (प्रत्येक प्रश्न-पत्र 250 अंकों का होता है।)

उम्मीदवार नीचे दी गयी वैकल्पिक विषयों की सूची में से कोई एक विषय चुन सकते हैं।

सिविल सर्विस परीक्षा (मुख्य) के लिए वैकल्पिक विषयों की सूची :

  • कृषि
  • पशुपालन एवं पशु चिकित्सा
  • पादप विज्ञान
  • रसायनशास्त्र
  • सिविल इंजीनियरिंग
  • वाणिज्य एवं लेखाकर्म (कॉमर्स एंड एकाउंटेंसी)
  • अर्थशास्त्र
  • इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग
  • भूगोल
  • भूगर्भशास्त्र
  • इतिहास
  • विधि
  • प्रबंधन
  • गणित
  • मैकेनिकल इंजीनियरिंग
  • चिकित्सा विज्ञान
  • दर्शनशास्त्र
  • भौतिक विज्ञान
  • राजनीति विज्ञान एवं अंतरराष्ट्रीय संबंध
  • मनोविज्ञान
  • लोक-प्रशासन
  • समाजशास्त्र
  • सांख्यिकी
  • प्राणी विज्ञान (जूलॉजी)

निम्नलिखित में से किसी एक भाषा का साहित्य : असमिया, बंगाली, बोडो, डोगरी, गुजराती, हिंदी, कन्नड़, कश्मीरी, कोंकणी, मैथिलि, मलयालम, मणिपुरी, मराठी, नेपाली, उड़िया, पंजाबी, संस्कृत, संथाली, सिन्धी, तमिल, तेलुगु, उर्दू एवं अंग्रेजी।

  • भारतीय भाषाओं एवं अंग्रेजी के प्रश्न-पत्र (प्रश्न-पत्र ‘क’ एवं ‘ख’) मैट्रिकुलेशन या समकक्ष स्तर के होंगे, जिनमें केवल अर्हता प्राप्त करनी होगी। इन प्रश्न-पत्रों में प्राप्त अंकों को योग्यता-क्रम निर्धारित करने में नहीं गिना जाएगा।
  • सभी उम्मीदवारों के मामले में ‘निबंध’, ‘सामान्य अध्ययन’ तथा ‘वैकल्पिक विषय’ के प्रश्न-पत्रों का मूल्यांकन उनके ‘भारतीय भाषा’ एवं ‘अंग्रेजी’ के अर्हक पर्चों के साथ ही किया जाएगा, किन्तु उनमें प्राप्त अंकों पर विचार केवल उन्हीं उम्मीदवारों के मामले में होगा, जिन्होंने ‘भारतीय भाषा’ एवं ‘अंग्रेजी’ के अर्हक पर्चों में आयोग द्वारा नियत न्यूनतम अर्हक अंक प्राप्त किए होंगे।
  • तथापि ‘भारतीय भाषा’ का प्रश्न-पत्र ‘क’ उन उम्मीदवारों के लिए अनिवार्य नहीं होगा, जो अरुणाचल प्रदेश, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नागालैंड तथा सिक्किम के हैं।
  • परीक्षा के प्रश्न-पत्र पारंपरिक (निबंधात्मक/विवरणात्मक) प्रकार के होंगे। प्रत्येक प्रश्न-पत्र 3 घंटे की अवधि का होगा। प्रश्न-पत्र (भारतीय भाषा के साहित्य के प्रश्न-पत्र को छोड़कर) केवल हिंदी व अंग्रेजी में तैयार किए जाएँगे।

व्यक्तित्व परीक्षण (साक्षात्कार)

साक्षात्कार 275 अंकों का होगा।

कुल अंक : मुख्य परीक्षा के 1750 अंक + साक्षात्कार के 275 अंक = 2025 अंक।

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