भविष्य की आर्थिक प्रगति के लिए क्या जरूरी

Afeias
23 Feb 2026
A+ A-

To Download Click Here.

आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 में भारत की अर्थव्यवस्था की मजबूती देखने को मिलती है। इसमें निहित कुछ महत्वपूर्ण बिंदु ऐसे हैं, जिन पर काम करके आर्थिक स्थिरता बढ़ाई जा सकती है-

  • तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था में आयात का बढ़ना तय है। निर्यात पर भी उतना ही ध्यान देना होगा। विभिन्न देशों के साथ मुफ्त व्यापार समझौतों के जरिए सरकार इस पर ध्यान दे रही है। यूरोपियन यूनियन के साथ इससे जुड़ा बड़ा समझौता हुआ है। इसमें 27 देश शामिल हैं।
  • भारत आत्म-निर्भरता पर फोकस बढ़ा रहा है। इसके लिए वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में एक दमदार उपस्थिति की जरूरत है।
  • विनिर्माण में उन्नत तकनीकों का इस्तेमाल जरूरी हो गया है। इसके लिए नीतियों में कुछ परिवर्तन की जरूरत है। आर्थिक प्रक्रिया को फिर से बदलने और रिस्क लेने को बढ़ावा दिया जा सकता है।
  • वैश्विक चुनौतियों को देखते हुए अर्थव्यवस्था में पूंजी की गति (कैपिटल मूवमेंट) के लिए अनुकूलन का सुझाव दिया गया है।
  • एक अन्य सुझाव एआई से जुड़ी एक एजेंसी बनाने का है; एक ऐसी एजेंसी, जो देश के श्रम क्षेत्र से होने वाली बाधाओं को दूर करते हुए उत्पादकता में तकनीक को बढ़ावा दे सके।
  • सर्वे में जमीन, घर और ट्रांसपोर्ट की वजह से बढ़ने वाले शहरी तनाव पर ध्यान दिया गया है। शहरीकरण तेजी से हो रहा है, लेकिन इससे उत्पादकता नहीं बढ़ रही है। इस हेतु डेटा आधारित प्रोसेस और वर्गीकरण में तालमेल बिठाकर नगर योजना को बेहतर किया जाना चाहिए।
  • प्रशासन की अक्षमता को आर्थिक प्रगति में बड़ी रुकावट माना गया है। स्वायत्तता बढ़ाने से सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार का सुझाव दिया गया है।

कुल मिलाकर निर्यात, एआई में अनुकूलन और शहरों के प्रबंधन को आर्थिक प्रगति के लिए अति आवश्यक माना गया है।

‘द इकॉनॉमिक टाइम्समें प्रकाशित संपादकीय पर आधारित। 30 जनवरी 2026