सेमीकंडक्टर की आत्मनिर्भरता : आवश्यकता, प्रयास व चुनौतियाँ

Afeias
11 Jul 2026
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हमारे प्रधानमंत्री की नीदरलैंड की यात्रा के दौरान वहाँ की दिग्‍गज कंपनी एएसएमएल और टाटा इलेक्‍ट्रानिक्‍स के मध्‍य अनुबंध पर हस्‍ताक्षर हुए। एएसएमएल को आधुनिक सेमीकंडक्‍टर निर्माण की रीढ़ मानी जानी वाली उन्‍नत लियोग्राफी में प्रमुख आपूर्तिकर्ताओं में माना जाता है। इससे हम स्‍वयं को समूची मूल्‍य श्रंखला में स्‍थापित कर रहे हैं।

सेमीकंडक्‍टर में आत्‍मनिर्भरता की आवश्‍यकता क्‍यों?

  • सेमीकंडक्‍टर चिप्‍स, आटोमोबाइल, दूरसंचार, रक्षा प्रणाली व कृत्रिम बुद्धिमत्ता में प्रयोग होता है। इनकी बढ़ती खपत के कारण सेमीकंडक्‍टर का ज्‍यादा आयात करना पड़ता है, जिससे विदेशी मुद्रा खर्च होती है।
  • सेमीकंडक्‍टर आपूर्ति के मामले में ताइवान, दक्षिण कोरिया, चीन और अमेरिका प्रमुख हैं। चीन व अमेरिका के बीच का गतिरोध सेमीकंडक्‍टर की आपूर्ति को बाधित करता है। इसीलिए वैश्विक विनिर्माता तथा सरकारें चाइना प्‍लस वन नीति अपना रही हैं।
  • हमारे पास अपना बड़ा बाजार और जनसांख्यिकी है। हमारा भू-राजनीतिक महत्‍व भी बढ़ रहा है। इससे हम स्‍वयं को एक विकल्‍प के रूप में प्रस्‍तुत कर सकते हैं।
  • रक्षा इलेक्‍ट्रानिक्‍स, साइबर बुनियादी ढांचा, दूरसंचार और एआइ संचालित तकनीकों के कारण सेमीकंडक्‍टर पर आत्‍मनिर्भरता राष्‍ट्रीय सुरक्षा के लिए भी आवश्‍यक है।

सेमीकंडक्‍टर आत्‍मनिर्भरता की दिशा में हमारे प्रयास –

  • इंडिया सेमीकंडक्‍टर मिशन के तहत 76000 करोड़ रुपये आवंटित किए गए, जिनसे स्‍वीकृत चिप निर्माण परियोजनाओं में 50% तक वित्तीय सहायता दी जाती है।
  • आइएसएम 2.0 के दायरे का विस्‍तार करते हुए सेमीकंडक्‍टर उपकरण, सामग्री, बौद्धिक संपदा विकास, आपूर्ति श्रंखला में लचीलापन और शोध व विकास पर ध्‍यान केन्द्रित किया गया है।
  • गुजरात सेमीकंडक्‍टर से जुड़ी गतिविधियों का हब बन रहा है। धोलेरा में टाटा-पावरचिप फैब्रिकेशन परियोजना एवं साणंद में माइक्रोफोन की एटीएमपी इकाई स्‍थापित हो रही है।
  • असम में टाटा की औसेट परियोजना एवं उत्तरप्रदेश में नोएडा अंतरराष्‍ट्रीय हवाई हड्डे के पास एचसीएल-फाक्‍सकॉन संयुक्‍त उपक्रम की शुरुआत हुई है।
  • उत्तरप्रदेश सेमीकंडक्‍टर नीति-2024 से अतिरिक्‍त पूंजीगत सब्सिडी, कर छूट, भूमि दरों में रियायत, बिजली रियायत और कौशल विकास पहल भी केन्‍द्रीय प्रोत्‍साहन की पूरक बन रही है।

सेमीकंडक्‍टर आत्‍मनिर्भरता की राह में चुनौतियाँ

  • इसमें व्‍यापक स्‍तर के पूँजी निवेश की आवश्‍यकता होती है।
  • पानी की भरोसेमंद एवं सतत् आपूर्ति, बिजली की निरंतर उपलब्‍धता, कुशल कामकाजी आबादी एवं सक्षम आपूर्ति तंत्र भी सुनिश्चित होना चाहिए।
  • निर्यात पर एका‍धिकार तथा भू-राजनीतिक तनाव जैसे तत्‍व भी एक चुनौती हैं।

सेमीकंडक्‍टर के लिए किए जा रहे प्रयास दीर्घकालिक औद्योगिक क्रांति की नींव रखेंगे। इससे हम आर्थिक ही नहीं बल्कि रणनीतिक रूप से भी स्‍वायत्त बनेंगे।

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