जलवायु की धार और भारतीय कृषि
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देश में दक्षिण-पश्चिम मानसून की कमी बढ़ रही है, और एल-नीनो के कारण वर्षा प्रभावित होने की आशंका है। मध्य भारत और पूर्वोत्तर में वर्षा की भारी कमी कृषि उत्पादन को प्रभावित कर सकती है। अत्यधिक गर्मी से श्रमिकों की उत्पादकता घट रही है, तथा इलायची सहित बागान फसलों पर खतरा बढ़ा है। खरीफ फसलों (धान, दालें, तिलहन) की बुवाई और उर्वरकों की उपलब्धता दोनों पर दबाव है। इससे खाद्य मुद्रास्फीति बढ़ने और मौद्रिक नीति के सामने नई चुनौती खड़ी हो सकती है।
चूँकि भारत की कृषि अब भी अत्यधिक मानसून-निर्भर है, इसलिए जलवायु परिवर्तन का प्रभाव अधिक गंभीर है।
सरकार द्वारा उठाए गए प्रमुख कदम –
- 111 संवेदनशील जिलों की पहचान कर विशेष निगरानी।
- मौसम विभाग द्वारा विस्तारित मौसम एवं एल-नीनो पूर्वानुमान।
- प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना (PMKSY) के माध्यम से सिंचाई का विस्तार।
- प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) के जरिए फसल जोखिम कम करना।
- राष्ट्रीय कृषि विकास योजना (RKVY) के अंतर्गत कृषि अवसंरचना और नवाचार को बढ़ावा।
- जल शक्ति अभियान और अटल भूजल योजना के माध्यम से जल संरक्षण।
- आईसीएआर (ICAR) द्वारा जलवायु-सहिष्णु एवं सूखा-रोधी बीज किस्मों का विकास, तथा
- कृषि मंत्रालय की जिला कृषि आकस्मिकता योजना के माध्यम से वैकल्पिक फसल एवं बुवाई रणनीति।
प्रमुख सुझाव –
- वर्षा-आधारित कृषि से जल-केंद्रित कृषि की ओर बढ़ना।
- अधिक पानी वाली फसलों की जगह कम पानी वाली फसलों को प्रोत्साहन।
- जलवायु-सहिष्णु कृषि तकनीकों का व्यापक क्रियान्वयन।
- अंतर-राज्यीय जल प्रबंधन और फसल नियोजन के लिए एक समन्वित राष्ट्रीय प्राधिकरण का गठन।
- कृषि, जल शक्ति मंत्रालय और मौसम विभाग के बीच बेहतर समन्वय।
- माइक्रो इरिगेशन (ड्रिप एवं स्प्रिंकलर) का विस्तार।
- मिलेट्स (श्री अन्न), दालों और कम जल-आवश्यकता वाली फसलों को बढ़ावा।
- जलवायु-स्मार्ट कृषि का विस्तार।
- एआई आधारित मौसम पूर्वानुमान और ग्राम स्तर पर समयबद्ध सलाह।
- जल बजटिंग एवं वाटरशेड विकास को पंचायत स्तर तक लागू करना, तथा
- कृषि क्षेत्र में कार्बन-न्यूट्रल और टिकाऊ खेती को प्रोत्साहन।
भारत की खाद्य सुरक्षा का भविष्य केवल अच्छे मानसून पर निर्भर नहीं रह सकता। जलवायु परिवर्तन के दौर में जल-केंद्रित, जलवायु-सहिष्णु और तकनीक-संचालित कृषि व्यवस्था ही दीर्घकालिक समाधान है।
‘द हिन्दू’ में प्रकाशित संपादकीय पर आधारित। 25/06/26