आतंकवाद पर प्रहार
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हमारा देश लंबे समय से आतंकवाद से जूझता चला आ रहा है। इसके बावजूद सरकार ने कभी भी आतंकवाद के खिलाफ एक पूरी नीति नहीं बनाई थी। इसे संज्ञान में लेते हुए सरकार ने हाल ही में नेशनल काउंटर-टेररिज्म पॉलिसी या राष्ट्रीय आतंकवाद विरोधी नीति और रणनीति बनाई है।
कुछ बिंदु –
- यह नीति आतंकवाद के प्रति ‘शून्य सहिष्णुता’ के दृष्टिकोण को लेकर चलती है।
- इसका लक्ष्य ड्रोन आधारित लॉजिस्टिक्स, साइबर खतरों और सीमापार आतंकवाद सहित उभरते हाइब्रिड खतरों से निपटना है।
- सरकार ने इसे ‘प्रहार’ या पीआरएएचएएआर नाम दिया है।
इसके प्रमुख स्तंभ निम्न हैं –
प्रिवेन्शन या रोकथाम – आतंकी हमलों को होने से पहले ही रोककर नागरिकों की रक्षा करना।
रेस्पॉन्स या प्रतिक्रिया – खतरों के खिलाफ त्वरित, उचित और निर्णायक कार्रवाई सुनिश्चित करना।
एग्रीगेटिंग कैपेसिटी बिल्डिंग या क्षमता निर्माण – खुफिया जानकारी को एजेंसियों के बीच बांटकर सही तालमेल बैठाना।
ह्यूमन राइटस लीगल फ्रेमवर्क या कानूनी ढांचा – खतरों पर नियंत्रण के लिए कानून आधारित प्रक्रिया को दुरूस्त रखना।
एटेनूएटिंग डी – रेडिकलाइजेशन या कट्टरपंथ विरोधी प्रक्रिया – आतंकवाद को बढ़ावा देने वाली स्थितियों को कम करना।
अलाइनिंग इंटरनेशनल कोऑपरेशन या अंतरराष्ट्रीय सहयोग – आतंकवादविरोधी वैश्विक प्रयासों से जुड़कर उन्हें जोड़ना।
रिकवरी एंड सोसाइटल रेसीलियन्स या सामाजिक लचीलापन – रिकवरी के लिए पूरे समाज को साथ में जोड़ना।
- सरकार ने सही कहा है कि आतंकवाद को किसी धर्म, जाति, राष्ट्रीयता या सभ्यता से नहीं जोड़ा जा सकता है। दक्षिण एशियाई देशों के समूह आसियान ने इसी प्रकार की आतंकवाद विरोधी नीति बना रखी है। राष्ट्रीय स्तर पर सरकार की यह नीति पूरे फ्रेमवर्क को मजबूत करेगी।
विभिन्न समाचार पत्रों पर आधारित। 25 फरवरी 2026