ग्रेट निकोबार और एनजीटी

Afeias
24 Mar 2026
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हाल ही में नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने ग्रेट निकोबार प्रोजेक्ट को मंजूर कर लिया है। ट्रिब्यूनल का कहना है कि प्रोजेक्ट के फुटप्रिंट पर कोई कोरल रीफ नहीं मिला है, और आसपास के रीफ को बचाने के लिए उसे पुनर्स्थापित कर दिया जाएगा।

मामला क्या है –

केंद्र सरकार निकोबार के भू-राजनीतिक महत्व को देखते हुए 81,000 करोड़ रुपये से वहाँ एक सामरिक और आर्थिक हब बनानें की तैयारी में है। इसमें गैलेथिया खाड़ी, पेम्मया खाड़ी और नानजप्पा खाड़ी में विकास किया जाना है। ये द्वीप कोलंबो, पोर्ट क्लैंग और सिंगापुर से लगभग समान दूरी पर हैं। इससे भारत क्षेत्रीय समुद्री व्यापार के केंद्र में आ जाता है।

ग्रेट निकोबार का पारिस्थितिकीय महत्व –

  • यह क्षेत्र जैविकी उद्भव का गढ़ है। यह एक जीता-जागता द्वीप है, जिसमें घने वर्षावन, मैंग्रोव एवं पुरानी गैलाथिया खाड़ी का लंबा फैलाव है।
  • इसे जीवमंडल रिजर्व और दो राष्ट्रीय उद्यानों में सुरक्षित रखा गया है।
  • यह क्षेत्र शोंपेन और निकोबारी जैसी अनेक जनजातियों का आवास स्थल है।

एनजीटी की भूमिका अपरिपक्व कैसे –

  • ग्रीन ट्रिब्यूनल का गठन ग्रेट निकोबार जैसे जैव-विविधता पूर्ण और पर्यावरण के लिए महत्वपूर्ण क्षेत्रों की रक्षा के लिए किया गया था। लेकिन ग्रेट निकोबार के मामले में यह पीछे रह गया है।
  • ट्रिब्यूनल के कोस्टल मैनेजमेंट के इस नतीजे को भी मंजूरी दे दी गई है कि परियोजना का कोई भी हिस्सा कोस्टल रेगुलेशन जोन कैटेगरी वन ए में नहीं आता है। सच्चाई यह है कि गैलाथिया बे का हिस्सा इसी जोन में है। यह लेदरबैक कछुओं, कोरल मैंग्रोव और निकोबार मेगापोड्स के लिए जरूरी आवास है।

चिंताजनक स्थिति –

  • जलीय पारिस्थितिकी पहले से ही जलवायु परिवर्तन के चलते खराब हालत में है। वर्षा वनों को काटने से हानि और अधिक होगी।
  • इसके अलावा, अरावली के मामले में हमने प्राकृतिक संरचनाओं की परिभाषा को बदलते और उसका नतीजा देखा है।
  • कोरल रीफ के विस्थापन के लिए 20,668 की पहचान की गई है। इनमें से 16,150 का विस्थापन तय है, परंतु बचे हुए 4,518 के लिए खतरे का अध्ययन अभी किया जाना है।
  • विस्थापन की योजना में 30 से भी अधिक वर्ष लगने का अंदेशा है।
  • एक परिपक्व पारिस्थितिकी को उजाड़कर कहीं अन्य स्थान पर किया गया वनीकरण उस हानि की भरपाई नहीं कर सकता।

विभिन्न समाचार पत्रों पर आधारित। 18 फरवरी 2026