सोशल मीडिया से बच्चों को नुकसान

Afeias
09 Jan 2026
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सोशल मीडिया का बच्चों और युवाओं पर चिंता जनक प्रभाव पड़ रहा है। पूरी दुनिया इस बात को लेकर चिंतित है। ऑस्ट्रेलिया ऐसा पहला देश है, जिसने 16 वर्ष से कम उम्र के लोगों के लिए इस पर प्रतिबंध लगाने का ठोस निर्णय लिया है। इस निर्णय से टेक कंपनियां परेशानी में आ गई हैं। और देशों की नजर सामने आने वाले परिणामों पर है। बड़ा सवाल यह है कि यह कितना काम करेगा?

कुछ बिंदु –

  • इस बात के प्रमाण बढ़ रहे हैं कि सोशल मीडिया पर ज्यादा समय बिताना बच्चों के लिए नुकसानदायक है। कैनबेरा के अध्ययन में पाया गया है कि दस से पंद्रह वर्ष के दस में से सात बच्चे नुकसानदायक कंटेंट से प्रभावित हुये हैं। मेटा के लीक हुये दस्तावेजों से पता चला है कि ऑनलाइन प्लेटफार्म की वजह से किशोरों में बॉड़ी इमेज और सुसाइड जैसी परेशानियां बढ़ी हैं।
  • ऐसा भी माना जा रहा है कि यह प्रतिबंध किशोरों को डार्कवेब की दुनिया की तरफ धकेल सकता है। इससे नुकसान और भी बढ़ जाएगा। इसके अलावा गेमिंग प्लेटफार्म तो अभी भी मुक्त हैं।

कुछ सुझाव –

  • सोशल मीडिया की एंट्री पर शुल्क लगा दिया जाना चाहिए। किसी भी डिजिटल भुगतान के लिए बड़ों की सहमति जरूरी होनी ही चाहिए। 
  • अभिभावकों को बच्चों की ऑनलाइन गतिविधियों पर नजर रखनी चाहिए।

ऑस्ट्रेलिया का यह कदम भारत जैसे देशों के लिए उदाहरण का काम कर सकता है। पहले से ही यहाँ सामाजिक और राजनीतिक स्तर पर प्रतिबंध की मांग शुरू हो चुकी है। उम्मीद है कि सरकार बच्चों के हित को सर्वोपरि रखेगी।

‘द टाइम्स ऑफ इंडियामें प्रकाशित संपादकीय पर आधारित। 10 दिसंबर, 2025