स्मार्ट शहरों का भविष्य उनकी गतिशीलता में है

Afeias
20 Jan 2026
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वर्तमान समय में पूरे विश्व में शहर बहुत महत्वपूर्ण हैं। आज पूरे विकास, विज्ञान और प्रौद्योगिकी संबंधी नीतियों के केंद्र में शहर ही होते हैं। लेकिन शहरी बुनियादी ढांचे का असली ब्लूप्रिंट अक्सर पहले ही वहाँ बसे लोगों के लिए बनाया जाता है। जबकि इनकी योजना आने वाले प्रवासियों से जुडे जनसांख्यिकीय बदलावों को ध्यान में रखकर भी बनाई जानी चाहिए।

शहरों को सभी के लिए डिजाइन करना –

  • भविष्य के जिन शहरों की हम कल्पना करते हैं, उन्हें अनेक स्तरों पर खरा उतरने की जरूरत है। शहर कोई एक जैसे ब्लूप्रिंट से नहीं चल सकता। इनमें स्मार्ट और गतिशील पारिस्थितिकी का होना जरूरी है। बाहर से आने वाले लोगों के लिए सांस्कृतिक दूरी को पाटने की योजना पहले ही बनाई जानी चाहिए। जनता से मिलने वाले स्टाफ को संवेदनशीलता का छोटा सा ही सही, एक भाग जरूर सिखाया जाना चाहिए। यह इंसानी जुड़ाव कार्यात्मक क्षमता और लोकतांत्रिक अधिकारों को बनाए रखने के लिए जरूरी है।

खोई हुई कड़ी को जोड़ना –

  • एक समावेशी, धारणीय, शहरी भविष्य के लिए ऐेसे शहरों को डिजाइन करने की प्रतिबद्धता जताने की जरूरत है, जो उनकी सेवा कर सकें, जिनके लिए वे बनाए गए हैं। हमारे आपस में जुड़े संपर्कों में समानुभूति और समवेदना की बहुत कमी है। अतः हमें ऐसे शहर डिजाइन करने होंगे, जो भविष्य की प्रगति को अपनाने, विविधता का स्वागत करने तथा मेलजोल और उत्थान के लिए जीवंत हो।

‘द हिंदूमें प्रकाशित अरूणा भट्टाचार्य के लेख पर आधारित। 26 दिसंबर 2025