न्यूक्लियर एनर्जी सेक्टर को निजी क्षेत्र के लिए खोलने के कारण

Afeias
29 Mar 2025
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2025-26 के बजट में छोटे माड्यूलर रिएक्टर (एसएमआर) के लिए 20 हजार करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। इसका लक्ष्य 2035 तक भारत में कम से कम पाँच एसएमआर बनाना है। परमाणु ऊर्जा से जुड़े प्रोजेक्ट का वार्षिक खर्च 24-25 हजार करोड़ रुपये है। फंडिंग की कमी के कारण परमाणु ऊर्जा विभाग उत्पादन क्षमता बढ़ाने का लक्ष्य पूरा करने के लिए संघर्ष कर रहा है। दूसरी तरफ प्राइवेट अक्षय ऊर्जा का बाजार 2023 में ही 2 लाख करोड़ से ऊपर निकल गया।

परमाणु ऊर्जा को विस्तार देने वाले राज्य –

केंद्र ने 2031-32 तक परमाणु ऊर्जा उत्पादन क्षमता 8180 मेगावॉट से बढ़ाकर 22,480 मेगावॉट करने का लक्ष्य रखा है। मध्यप्रदेश, गुजरात, राजस्थान, तमिलनाडु, हरियाणा और कर्नाटक में 8000 मेगावॉट के 10 एसएमआर विकसित किए जाने की योजना है। 10 और एसएमआर के लिए प्री-प्रोजेक्ट चल रही है।

एक एसएमआर कितनी बिजली बना सकता है?

एक एसएमआर से 20 से 300 मेगावाट बिजली बनाई जाती है। यह प्रत्येक दिन 72 लाख किलोवॉट बिजली बना सकते हैं। 1395 किलोवॉट प्रतिव्यक्ति खपत के हिसाब से यह 1561 लोगों की वर्षभर की बिजली बना सकता है। बड़े न्यूक्लियर पॉवर प्लांट 2.4 करोड़ किलोवॉट बिजली पैदा कर सकते हैं।

भारत को एसएमआर की जरूरत क्यों?

2021 में ग्लासगो, COP-26 में बनी सहमति के अनुसार भारत को 2030 तक 500 गीगावाट बिजली का उत्पादन गैरजीवाश्म ईंधन से करना है। जरूरत की 50% बिजली अक्षय ऊर्जा से होनी चाहिए। अभी 39% बिजली ही गैर-जीवाश्म ईंधन से बन रही है।

न्यूक्ल्यिर एनर्जी में निजी क्षेत्र क्यों ?

केंद्र 2047 तक 100 गीगावॉट न्यूक्लियर एनर्जी क्षमता हासिल करना चाहता है। अभी हम 8000 मेगावॉट से कुछ ही ज्यादा बिजली बना पा रहे हैं। इसीलिए निजी क्षेत्र की भागीदारी की जरूरत है।

न्यूक्लियर एनर्जी सेक्टर खुलने से किन कंपनियों को फायदा होगा ?

इसका लाभ न्यूस्केल पावर, वेस्टिंगहाउस इलेक्ट्रिक कंपनी, जीई हिताची न्यूक्लियर एनर्जी, रोल्स रायस, एक्स एनर्जी, ओक्लो और होल्टेक इंटरनेशनल जैसी कंपनियों को होगा। ये डिजाइन के साथ-साथ मैन्यूफैक्चरिंग का भी काम करेंगी।

एस एम आर के लिए टाटा पावर और नवीन जिंदल ग्रुप जैसे कार्पोरेट्स ने दिलचस्पी दिखाई है। नवीन जिंदल के ग्रुप ने भी जिंदल न्यूक्लियर पावर प्राइवेट लिमिटेड नाम से एक नई सब्सिडियरी कंपनी बनाई है।

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