यातायात को कठिन क्यों बनाना

Afeias
23 Oct 2026
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देश में केवल सड़कें, फ्लाईओवर और पुल बनाना शहरी यातायात की समस्या का समाधान नहीं है। इनके लिए वैज्ञानिक योजना, उचित डिजाइन और मौजूदा परिवहन व्यवस्था के साथ समन्वय भी आवश्यक है।

कुछ विफल उदाहरण –

  • दिल्ली के बारापुल्ला फेज-3 कॉरिडोर का उद्देश्य पूर्वी और दक्षिणी दिल्ली के बीच यात्रा समय को लगभग एक घंटे से घटाकर 15 मिनट करना था। लेकिन इसके खुलने के बाद भीषण जाम की स्थिति उत्पन्न हो गई।
  • यह समस्या केवल दिल्ली तक सीमित नहीं है। मुंबई और बेंगलुरु में भी नई परिवहन परियोजनाओं के डिजाइन और कनेक्टिविटी से जुड़ी समस्याएँ सामने आई हैं।

ऐसा क्यों हो रहा है –

(अ)   नई परियोजनाओं और पुरानी सड़कों के बीच उचित कनेक्टिविटी नहीं बनाई गई। अलग-अलग परिवहन परियोजनाओं को एक समन्वित नेटवर्क के बजाय स्वतंत्र परियोजनाओं के रूप में देखा गया।

(ब)    परियोजना डिजाइन और क्रियान्वयन की विफलता – बारापुल्ला फेज-3 में नौ तक आने वाली लेनों का यातायात केवल दो से तीन लेनों में समाहित होने से सड़क की क्षमता में अचानक कमी आई। इसके परिणामस्वरूप वाहनों की गति में अचानक गिरावट हुई। लेन बदलने के दौरान दुर्घटना का जोखिम बढ़ गया। कई किलोमीटर तक यातायात जाम होने लगा। इससे आसपास की सड़कों पर भीड़ का दबाव बढ़ने लगा।

(स)   सार्वजनिक धन का अकुशल उपयोग – संपादकीय के अनुसार, बारापुल्ला फेज-3 पर ₹1,635 करोड़ से अधिक खर्च किए गए। यदि कोई परियोजना यात्रा समय घटाने और यातायात सुगम बनाने के मूल उद्देश्य को पूरा नहीं करती, तो उसके सामाजिक और आर्थिक लाभ कम हो जाते हैं।

इसे निम्नलिखित अवधारणाओं से समझा जा सकता है –

  • खर्च किए गए प्रत्येक रुपये के अनुपात में वास्तविक लाभ और निर्माण पूरा होने के बजाय वास्तविक परिणामों पर ध्यान नहीं दिया गया।
  • एक दशक की देरी के बाद भी यदि परियोजना यातायात जाम उत्पन्न करती है, तो यह केवल इंजीनियरिंग की नहीं, बल्कि संस्थागत जवाबदेही की भी समस्या है।

बुनियादी ढाँचे की सफलता का आकलन उसके निर्माण से नहीं, बल्कि उसकी उपयोगिता, सुरक्षा, दक्षता और नागरिकों को मिलने वाले लाभ से होना चाहिए।

यदि कोई परियोजना अपने मूल उद्देश्य; यात्रा समय घटाना और यातायात सुगम बनाना को पूरा नहीं करती, तो उसके सामाजिक और आर्थिक लाभ कम हो जाते हैं।

‘द इकोनॉमिक टाइम्स’ में प्रकाशित संपादकीय पर आधारित। 07/10/26