हंता वायरस के बहाने महामारी की तैयारी

Afeias
08 Jun 2026
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हाल ही में एक क्रूज शिप पर हंता वायरस के फैलने की पुष्टि हुई है। इसको लेकर दुनिया भर में भ्रम भी फैल रहे हैं कि क्‍या एक और महामारी के फैलने की आशंका है? इससे जुड़े कुछ बिन्‍दु –

  • हंता वायरस कई तरह के होते हैं। इनमें ज्‍यादातर इंसान से इंसान में नहीं फैलते हैं।
  • ये हमेशा से प्रकृति में मौजूद रहे हैं। जबकि कोविड एक नया वायरस था।
  • हंता वायरस के ‘एंडीज स्‍ट्रेन’ से अभी लोग बीमार पड़े हैं। विश्‍व स्‍वास्‍थ्‍य संगठन के अनुसार इस स्‍ट्रेन में इंसानों के बीच फैलने की सीमित क्षमता है। लेकिन यह कहीं ज्‍यादा जानलेवा है।
  • ऐसी कोई भी जगह; जहाँ चूहे हों, वहाँ यह फैल सकता है। भारत में वेयरहाउसों की स्थिति को देखते हुए सतर्क रहने की अधिक जरूरत है। इनमें काम करने वाले लोग चूहों के मल-मूल और लार के संपर्क में अक्‍सर आ जाते हैं।
  • तमिलनाडु की इरूला जनजाति चूहों को पकड़ने के लिए जानी जाती है। इनमें भी जागरूकता फैलाने की जरुरत है।

भारत में अब तक कोई केस नहीं मिला है। लेकिन संपर्क में आए लोगों में छह सप्‍ताह तक इसके लक्षण नहीं दिखते हैं। इसलिए हमें सावधान रहना चाहिए।

नीति आयोग ने 2024 में कहा था कि किसी भी संक्रमण के पहले 100 दिन सबसे जरूरी होते हैं। इस बीच हमें अपनी तैयारी पूरी रखनी चाहिए। देखा जाना चाहिए कि क्‍या हम स्‍वास्‍थ्‍य सूचना मंच पर सक्रिय हैं? इसके साथ ही सार्वजनिक स्‍वास्‍थ्‍य आपातकाल प्रबंधन कानून को जल्‍द-से-जल्‍द लाने का प्रयास किया जाना चाहिए।

(द टाइम्‍स ऑफ इंडियामें प्रकाशित 09/05/2026 के संपादकीय पर आधारित)