निकोबार में पर्यटन और व्‍यवसाय

Afeias
13 May 2026
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ग्रेट निकोबार आईलैंड या जीएनआई को एक बंदरगाह और पर्यटन स्‍थल बनाने के लिए केन्‍द्र सरकार की पहल तेज हो गई है। भले ही स्‍थानीय निवासियों (निकोबारी और शेम्‍पेन) और पारिस्थितिकी को लेकर चिंता बनी हुई है। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह प्रशासन ने इस योजना के लिए एक मसौदा मास्‍टर प्‍लान अधिसूचित किया है। इससे जुड़े कुछ बिन्‍दु –

  • इस पूरे द्वीप के विकास के लिए केन्‍द्र सरकार ने 92,000 करोड़ रुपये के बड़े बुनियादी ढांचा परियोजना की घोषणा की है।
  • इंटरनेशनल कंटेनर ट्रांसशिपमेंट पोर्ट, हवाई अड्डा और बिजली संयंत्र के अलावा मसौदे में स्‍वास्‍थ्‍य सेवा, शिक्षा और आजीविका के लिए सही बुनियादी ढांचे के साथ व्‍यवसाय, रोमांच, जैव विविधता, पर्यटन तथा पारिवारिक मनोरंजन जैसी योजनाएं बनाई गई हैं।
  • इसका उद्देश्‍श्‍य एक साफ-सुथरे, सुरक्षित वातावरण और समुद्री किनारे पर लोगों के लिए पर्याप्‍त मनोरंजन उपलब्‍ध कराना है।
  • इस क्षेत्र की जनसंख्‍या अभी दस हजार है। मसौदे में 2055 तक इसके 3.36 लाख हो जाने का अनुमान है। इस समय तक पर्यटकों की संख्‍या भी दस लाख प्रतिवर्ष हो जाने का अनुमान है।
  • सरकार को उम्‍मीद है कि बढ़ी हुई जनसंख्‍या को 70% से ज्‍यादा सीधे रोजगार, पर्यटन और उससे जुड़े क्षेत्रों से दिया जा सकेगा।
  • इस परियोजना का रणनीतिक महत्‍व अधिक है। यह द्वीप मलक्‍का जलडमरुमध्‍य के पश्चिमी द्वार पर स्थित है। इस दृष्टि से यह वैश्विक समुद्री व्‍यापार का एक बड़ा भाग ले सकता है।

कमियों पर एक नज़र –

  • प्रशासन ने इस योजना पर 30 दिनों के भीतर जनता के सुझाव और आपत्तियां मांगी हैं। लेकिन यह साफ नहीं है कि विंडो कब तक खुली रहेगी।
  • यह मसौदा स्‍थानीय निकोबारी समुदायों को दूसरी जगह बसाने के एक और मसौदे के बाद आया है। इससे समुदायों में आशंकाएं हैं।
  • ये समुदाय 2022 से इस योजना की मंजरी का विरोध कर रहे हैं। उनका आरोप है कि उनके जंगल के अधिकारों का निपटारा नहीं किया गया है।
  • इसके अलावा, ग्रीन ट्रिब्‍यूनल ने द्वीप की जैव-विविधता पर पड़ने वाले प्रभाव के बारे में चिंताओं को इसे रणनीतिक महत्‍व का हवाला देकर दरकिनार कर दिया है।
  • कुछ लोगों ने प्रोजेक्‍ट के व्‍यावसायिक और नौसैनिक लाभों पर भी सवाल उठाए हैं।

सरकार के लिए यह जरूरी हो गया है कि वह आम सहमति बनाते हुए आगे कदम बढ़ाए।

‘द हिन्‍दू’ में प्रकाशित 13/04/2026 के संपादकीय पर आधारित।