नमस्ते स्वदेशी

Afeias
06 Nov 2025
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हाल ही में प्रधानमंत्री मोदी ने स्वेदशी के उत्पादन और प्रयोग पर लगातार जोर देना शुरू कर दिया है। इसका कारण यह नहीं है कि वैश्वीकरण खत्म हो गया है, लेकिन वैश्विक चुनौतियों के बीच हमारी अर्थव्यवस्था की मजबूती के लिए आत्मनिर्भरता बहुत जरूरी है। ये चुनौतियां क्या हैं –

  • ट्रंप की टैरिफ नीति की अनिश्चितता और एच-1 बी वीजा धारकों पर लगे वीजा शुल्क ने उथल-पुथल मचा दी है।
  • दुर्लभ खनिजों की आपूर्ति के लिए भारत की कमजोरी और चीन पर निर्भरता है।
  • यूरोप आव्रजन-विरोधी रुख अपना रहा है।

भारत के लिए आगे की राह –

  • आत्मनिर्भरता के लिए केंद्र और राज्यों को मिलकर काम करने की आवश्यकता होगी।
  • चिप्स से लेकर रेयर अर्थ मिनरल्स, फार्मा से लेकर रक्षा तक एक के बाद एक सेक्टरों में भारत की निर्भरता को बदलने के लिए अनुसंधान एवं विकास में बहुत सुधार की आवश्यकता है।
  • निजी क्षेत्र फिलहाल आर एण्ड डी के प्रति बेहद सुस्त हैं। इसमें सक्रियता दिखानी होगी।
  • भारत को चीन, दक्षिण कोरिया और ताइवान की सरकारों की तरह अनुसंधान और नवाचार के क्षेत्र में बुनियादी बदलाव करने होंगे।

‘द टाइम्स ऑफ इंडियामें प्रकाशित संपादकीय पर आधारित। 22 सितंबर 2025