बलूच अलगाववादियों के आतंक का जिम्मेदार स्वयं पाकिस्तान
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हाल ही में पाकिस्तान के सबसे बड़े प्रांत बलूचिस्तान में एक यात्री ट्रेन पर हमला हुआ। इसके पीछे बलूच लिबरेशन आर्मी का हाथ था। इस हमले में 26 सुरक्षाकर्मी और यात्री तथा 33 विद्रोही लड़ाके मारे गए थे।
कुछ बिंदु –
- पाकिस्तान ने इस हमले को लेकर भारत और अफगान संचालकों पर बलूच अलगाववादियों की मदद करने का आरोप लगाया है। लेकिन ऐसे आरोपों के पीछे पाकिस्तान की बढ़ती आंतरिक सुरक्षा कमजोरियां छिपी हैं।
- हमले के बाद, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने स्वीकार किया है कि बलूचिस्तान में विकास की कमी से आतंकवाद पनप रहा है। बलूच अलगाववादियों भी यह कहते रहे हैं कि पाकिस्तानी सरकार ने लंबे समय तक बलूचियों की अनदेखी की है, और उनके संसाधनों को लूटा है।
- पाकिस्तान का यह भी कहना है कि ये अलगाववादी तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) तालिबान के अफगानिस्तान वाले सुरक्षित ठिकानों में मिलकर काम कर रहे हैं। अगर यह सही भी है, तो यह पाकिस्तान की पूर्व सरकारों की गलत नीतियों के कारण है।
- पाकिस्तान को समझने की जरूरत है कि अशांत क्षेत्रों को शांत करने के लिए उसे उनकी राजनीतिक और आर्थिक समस्याओं का समाधान करना चाहिए। केवल सैन्य प्रतिक्रिया से शांति और स्थिरता नहीं आती है।
‘द इकॉनॉमिक टाइम्स’ में प्रकाशित संपादकीय पर आधारित। 17 मार्च, 2025
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