अमेरिकी मक्का का मुद्दा
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अमेरिका के साथ भारत का व्यापार समझौता जटिलताओं से भरा हुआ है। फिलहाल ट्रंप प्रशासन इस मुद्दे पर कुछ नरम पड़ा है। लेकिन अभी भी वह कई शर्तों पर कोई भी समझौता करना चाहता है।
कुछ बिंदु –
- अमेरिकी पक्ष का एक बहुत बड़ा लक्ष्य भारत के कृषि आयात पर शुल्क कम करवाना है।
- दूसरे, ट्रंप को वोट देने वाले राज्यों में मक्का की फसल बहुत होती है। अमेरिका दुनिया का 30% से ज्यादा मक्का पैदा करता है। इसका एक तिहाई से ज्यादा कारों के ईंधन के लिए इथेनॉल में बदल दिया जाता है। लगभग 18% निर्यात किया जाता है। फिलहाल चीन ने अमेरिका से मक्का लेना कम कर दिया है। इसकी अधिकता हो गई है, और अमेरिका चाहता है कि भारत इसे खरीदे।
- भारत के साथ समस्या है कि वह अपनी नीति के तहत अमेरिका का जेनेटिकली मॉडीफाईड (जीएम) मक्का नहीं खरीद सकता। अमेरिका भारत की इस नीति को बदलवाना चाहता है।
- दूसरी तरफ, भारत अपने किसानों के हितों की भी रक्षा करना चाहता है।
- भारत 6 लाख टन कोटा पर 15% आयात शुल्क लगाता है। इससे ज्यादा आयात पर 50% तक शुल्क लग सकता है। अतः भारत विदेशी मुद्रा बचाने के लिए भी घरेलू उपज को प्रोत्साहन देता है।
कुल मिलाकर, मक्का का मुद्दा दोनों देशों के बीच चल रही व्यापार वार्ता का एक हिस्सा बना हुआ है। उम्मीद की जा सकती है कि भारत अपने हितों की रक्षा करते हुए कोई रास्ता निकालेगा।
‘द टाइम्स ऑफ इंडिया’ में प्रकाशित संपादकीय पर आधारित। 17 सितंबर, 2025
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