अमेरिका से एलपीजी आयात क्यों
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हाल ही में भारत ने अमेरिका से एलपीजी खरीदने का समझौता किया है। इसके क्या मायने हो सकते हैं –
- यह दोनों देशों के बीच व्यापार समझौतों में संतुलन बना सकता है।
- दोनों देशों के बीच चल रही टैरिफ वार्ता पर असर डालेगा।
- यह एक ऐसा समझौता है, जो रूस से भारत की आयात निर्भरता को कम करके, अमेरिका की चिंता को कम करेगा।
- खाद्य और ऊर्जा सुरक्षा भारत की बड़ी चिंताओं में से हैं। अमेरिका को भारत के खाद्य क्षेत्र में ज्यादा बढ़ावा देने से भारतीय उपभोक्ता के लिए चीजें महंगी हो सकती हैं। एलपीजी आयात से हम खाद्य क्षेत्र की रक्षा कर पाएंगे। यह आयात एक छोटी, लेकिन अहम् शुरूआत है।
- यूक्रेन में युद्ध शुरू होने के बाद पश्चिमी देशों ने रूस पर आर्थिक प्रतिबंध लगा दिए थे। अगर उस दौरान भारत ने फारस की खाड़ी के तेल बेचने वाले देशों की जगह रूस से यूराल क्रूड की खरीद न की होती, तो वैश्विक तेल बाजार में बड़ी उथल-पुथल मच जाती। फिलहाल, अमेरिका इस आर्थिक सच्चाई को समझ रहा है, और वह स्थिति को बदलने के लिए ऊर्जा निर्यात का प्रस्ताव रख रहा है। इस बीच भारत ने भी दिखा दिया है कि वह एक स्वतंत्र ऊर्जा सुरक्षा नीति लेकर चल सकता है।
‘द इकॉनॉमिक टाइम्स’ में प्रकाशित संपादकीय पर आधारित। 19 नवंबर, 2025