एआई की संप्रभुता पर आगे बढ़े भारत

Afeias
13 Mar 2026
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पूरी दुनिया में एआई (आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस) का प्रसार तेजी से हो रहा है। भारत की विशाल जनसंख्या और सस्ते डेटा के मेल ने इसे एआई मॉडल्स के लिए फ्री ट्रेनिंग डेटा का केंद्र बना रखा है। प्रयोग करने वाली ज्यादातर कंपनियां विदेशी हैं। हम पर अपने प्रयोग करके ये कहाँ से कहाँ पहुंच गई हैं, और एआई में हम अभी बच्चे ही बने हुए हैं। अब इसे राष्ट्रीय प्राथमिकता के तौर पर लिया जाना चाहिए। इस समय एआई और एआई की संप्रभुता पर ध्यान देने की जरूरत है।

संप्रभु एआई – इसका अर्थ किसी राष्ट्र या संगठन का अपना एआई मॉडल, अवसंरचना और डेटा विकसित और नियंत्रित करने से है। इससे राष्ट्र अपनी स्वतंत्रता, सुरक्षा और स्थानीय कानूनों का अनुपालन सुनिश्चित कर सकता है। इससे महत्वपूर्ण सेवाओं के लिए किसी विदेशी कंपनी पर निर्भरता कम होती है। कनाडा, जापान, अमेरिका, फ्रांस आदि देशों के पास ऐसा ही एआई मॉडल है। भारत के पास अभी एआई मिशन के द्वारा पारिस्थितिकीजन्य संप्रभु एआई मॉडल है।

एआई की संप्रभुता – यह आखिरी लक्ष्य है। इसका अर्थ है कि सिस्टम में सारा डेटा देश के कानूनों के तहत आ जाए।

इसकी सबसे अधिक जरूरत रक्षा क्षेत्र में है। एंथ्रोपिक जैसी अमेरिकी कंपनियां इस पर तेजी से काम कर रही हैं। उनका मॉडल लड़ाई के मैदान में लक्ष्य को पहचानकर उन्हें खत्म कर सकता है। रक्षा के अलावा वित्त और स्वास्थ्य जैसे जरूरी क्षेत्रों को भी एआई संप्रभुता की जरूरत है।

इस मामले में अकेले भारत ही नहीं, बल्कि वैश्विक दक्षिण के देश बहुत कमजोर हैं। भारत के पास एआई लीडरशिप या नेतृत्व की क्षमता भी है। इसका उपयोग किया जाना चाहिए।

विभिन्न समाचार पत्रों पर आधारित। 11 फरवरी 2026