भारत को गणना सेवा बनानी चाहिए

Afeias
20 May 2026
A+ A-

To Download Click Here.

हम सबको पता है कि शिक्षक हमारे लिए कितने जरूरी हैं। वे हमारे भविष्‍य का इंजन हैं। इसके बावजूद समय-समय पर उन्‍हें पढ़ाई के काम से हटाकर कभी जनगणना, कभी एसआईआर, कभी चुनाव ड्यूटी, कभी जानवरों की गिनती तो कभी नशे की लत का सर्वे करने में लगा दिया जाता है। ऐसा करके हम क्‍या कुछ खो रहे हैं –

  • शिक्षा की कमी – शिक्षकों को अतिरिक्‍त ड्यूटी के लिए छुट्टियों या स्‍कूल के बाद अतिरिक्‍त काम दिया जाता है, लेकिन मानव क्षमता की सीमा होती है। इसलिए शिक्षा के काम में रुकावट बार-बार आती है।
  • डेटा की खराब गुणवत्ता – शिक्षकों को डेटा संग्रहित करने का कौशल सिखाया नहीं जाता है। ऐसे एकत्रित डेटा की गुणवत्ता कितनी अच्‍छी हो सकती है?

जनगणना ब्‍यूरो की जरुरत –  

  • अमेरिका की तरह भारत को भी एक फुल-टाइम स्टॉफ के साथ जनगणना ब्‍यूरो बनाना चाहिए। इसमें पेशेवर लोगों की भर्ती की जानी चाहिए। इससे डेटा की सटीकता और निरंतरता में सुधार आ सकता है। ये पब्लिक डेटा की सभी जरुरतें पूरी कर सकेंगे। और यह लागत में भी ठीक हो सकता है।
  • इसमें अलग-अलग केन्‍द्र और राज्‍य स्‍तरीय टीयर हो सकते हैं।
  • उच्‍च शिक्षा के 4 करोड़ विद्यार्थियों के एक समूह से भी यह काम लिया जा सकता है। उनके लिए यह कीमती अनुभव हो सकता है।

द टाइम्‍स ऑफ इंडियामें प्रकाशित संपादकीय पर आधारित-23/04/26