रिस्पांसिबल टूरिज्म
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केरल इसे शुरू करने वाला भारत का पहला राज्य था। इसका स्पष्ट उद्देश्य है – पर्यटकों के लिए घूमने की बेहतर जगहों और स्थानीय लोगों के जीवनयापन के लिए बेहतर स्थानों का विकास करना।
रिस्पांसिबल टूरिज्म के लिए केरल के प्रयास –
- रिस्पांसिबल टूरिज्म मिशन के तहत स्वयं सहायता समूहों को प्रशिक्षण दिया गया। इस प्रशिक्षण में पापड़ बनाना, रीसाइकिल्ड मोमबत्तियां तैयार करना और कपड़े के बैग सिलना शामिल था। इन कौशलों को पर्यटन से जोड़ा गया।
- उद्यमियों को होटलों, रिसार्टों और होमस्टे से जोड़कर ऐसे संबंध स्थापित किये गए, जिससे उनकी अजीविका को स्थायित्व मिला।
- रिस्पांसिबल टूरिज्म से जुड़ी जगहों को स्थानीय स्तर पर ही ईको कांशस उत्पाद मिल जाते हैं। इससे वे स्थान पर्यटकों के लिए बेहतर डेस्टिनेशन बन जाते हैं।
- मध्य केरल में स्थित थेकड्डी के पेरियार टाइगर रिजर्व में बफर क्षेत्र में रहने वालों को बुनियादी पर्यटन प्रशिक्षण देकर गाइडंस, बांस राफ्टिंग दल के सदस्य और शिकार-रोधी दस्तों का हिस्सा बनने के लिए तैयार किया गया।
- स्थानीय समुदाय के पारंपरिक ज्ञान का प्रयोग वन्यजीव संरक्षण को मजबूत करने, अजीविका के अवसर देने और यात्रियों को गाइडेड बॉक्स एवं ट्रैक्स के जरिए जंगल को अधिक गहराई से समझने में किया गया।