चीन-भारत सीधी उड़ान की अच्छी शुरुआत

भारत और चीन के बीच सीमा-झड़प के बाद से सीधा हवाई संपर्क बंद कर दिया गया था। अब फिर से सीधी उड़ानें शुरू करने की चर्चा चल रही है। यह दोनों देशों के हित में होगा।
इसके पीछे कुछ कारण हैं –
- दोनों देशों की कई साझा चिंताएं हैं। अमेरिकी संरक्षणवाद के कारण दोनों देशों का पूंजी नियंत्रण से लेकर ऊर्जा सुरक्षा खतरे में है।
- अमेरिका के लगाए टैरिफ के कारण दोनों देशों का निर्यात बाजार प्रभावित है। इसके चलते दोनों अपने व्यापार में विविधता लाने की कोशिश कर रहे हैं।
- चीन का भारत के साथ एक बड़ा व्यापार अधिशेष है, जिसकी भरपाई निवेश बढ़ाकर की जा सकती है। इन सबके लिए लोगों के बीच संपर्क जरूरी है।
- भारत द्विपक्षीय व्यापार संधियों की दिशा में आगे बढ़ रहा है। चीन इसमें एक अपवाद है। चीन देश के सबसे बड़े व्यापारिक साझेदारों में से एक है। भारत को चीन की बहुपक्षीय व्यापारिक संधियों से बचकर ही चलना चाहिए। लेकिन द्विपक्षीय रिश्तों में सुधार किया जाना जरूरी है। विमानन का क्षेत्र इसका एक उदाहरण है। चीन और भारत दोनों ही बड़े विमानन बाजार हैं। इन दोनों बाजारों के बीच सीधी उड़ानों से लाभ होगा।
- इससे भारत को चीन के साथ अपनी लंबी सीमा में विमानन केंद्रों को अपने पक्ष में लाने में मदद मिल सकती है।
- वर्तमान में, चीनी लोग दुनिया भर में सबसे अधिक भ्रमण कर रहे हैं। भारतीय भी उनकी बराबरी पर ही हैं। उड़ानों से दोनों ओर ही लाभ होगा।
‘द इकॉनॉमिक टाइम्स’ में प्रकाशित संपादकीय पर आधारित। 25 अगस्त, 2025
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